Lime Green TechArt Porsche 911 Targa 4 - McLaren 650S Forum
 
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post #1 of 5 Old 12-11-2014, 04:25 AM Thread Starter
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Lime Green TechArt Porsche 911 Targa 4

Famous tuning company TechArt has introduced their new styling program for the Porsche 911 Targa 4. Starting with the exterior, the model has been equipped with an aerodynamic body kit that includes a front spoiler, front "aero wings" and an "air outlet" grille. Other notable highlights include sportier side skirts, a rear diffuser and a rear wing. The company also offers carbon fiber mirrors, lowering springs and a hydraulic nose lift front suspension that provides an additional 45mm of ground clearance. Customers can also order a sports exhaust system and a variety of 20- and 21-inch alloy wheels.





Another thing that grabs your attention is the lime green exterior color. There are numerous upgrades available to take your interior to the next level, including carbon interior styling packages (dashboard, door trims, sports seat + back rest and trims) in graphite grey matte finish, a 3-spoke Sport Steering Wheel in leather black with decorative stitching and straight-ahead marker in grey.



The TechArt tuning kit not only boosts the aerodynamics of the Porche 911 Targa, but provides gorgeous style lines while adding to the 911’s silhouette.



Feel free to read the whole article here: http://my.carid.com/featured/rides/l...he-911-targa-4

What do you think about this awesome kit?


McLaren Experts
http://www.carid.com/mclaren-accessories/

Call Toll Free: 800.505.3274 | Facebook | Twitter | YouTube
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post #2 of 5 Old 04-17-2020, 04:39 AM
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Nice articles and very good website. keep it up your good work
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Pankaj Pant


please read my article about beautiful hill station Uttarakhand in
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Treks in Kumaon
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Treks in garhwal
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post #3 of 5 Old 04-17-2020, 04:42 AM
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post #4 of 5 Old 05-19-2020, 03:52 AM
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पिन पार्वती ट्रैक
Pin Parvati Pass Trek

पिन पार्वती ट्रैक हिमाचल में मौजूद एक खूबसूरत और प्राकर्तिक दृस्टि से सम्पूर्ण ट्रैकिंग स्थल है जो उच्च ऊंचाई पर होने के कारण साल के अधिकतर समय बर्फ से ढका हुआ रहता है। ये ट्रैक कुल्लू की पार्वती वैली और स्पीति की पिन वैली को आपस में जोड़ता है जिस कारण इस ट्रैक को पिन पार्वती वैली ट्रैक कहा जाता है। यह ट्रैक दो जिलों कुल्लू व जिला लाहौल व स्पीति के अन्तर्गत आता है तथा हिमाचल में स्थित सबसे कठिन ट्रैक्स में से एक माना जाता है। इस जगह पर साल भर बर्फ रहने के कारण इस ट्रैक पर जाना भी कठिन होता है। यहाँ का मौसम भी हर पल बदलता रहता है जिस कारण ट्रैक में फिसलन रहती है तथा खतरा भी अधिक रहता है जिस कारण ट्रैकर्स को काफी संभल कर इस ट्रैक पर आगे को बढ़ना पड़ता है।

पिन पार्वती ट्रैक भारत के साथ साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है जहाँ साहसिक गतिविधियों व् भीड़-भाड़ के कारण कुछ दिन शान्ति में रहने का शौक रखने वाले ट्रैकर्स हर साल हजारो की संख्या में यहाँ आते है व प्राकर्तिक सुन्दरता के साथ साहसिक गतिविधियों का भी आनंद लेते हुए शहरों की भीड़-भाड़ से दूर शांति का अनुभव करते है।

इस ट्रैक की खोज करने का श्रेय सबसे पहले एक अंग्रेज सर लुइस डेन को जाता है जिन्होंने सर्वप्रथम सन 1884 को इस ट्रैक को खोज निकाला था। वो स्पीति घाटी में जाने के लिए किसी अन्य वैकल्पिक रास्ते की खोज में निकले थे तब उन्हें रास्ते में जाते हुए इस जगह का पता चला था।
पिन पार्वती ट्रैक की अधिकतम ऊंचाई 5,319 मीटर अर्थात 17,457 फ़ीट है तथा कुल दूरी लगभग 110 किमी के आस पास पड़ती है जिस पर आने व जाने में लगभग 10 से 12 दिन का समय लग जाता है। वही इस ट्रैक पर कई खूबसूरत पर्यटक व धार्मिक स्थल पड़ते है जिसमे मनाली, मणिकरण साहिब गुरुद्धारा, टुंडा भुज, ठाकुर कुआँ, बर्षेनी, ऑडी थाच तथा मानतलाई जैसे खूबसूरत पर्यटक व धार्मिक स्थल आते है। वही केलोंग, कॉकसर, रोहतांग पास, काजा, खीर गंगा जैसे प्राकर्तिक खूबसूरती से परिपूर्ण जगहों के भी दर्शन होते है। यहाँ खीर गंगा के पास पार्वती कुंड में आपको गर्म पानी का कुंड भी देखने को मिलता है जहाँ पर स्नान कर आप अपने रास्ते की सारी थकावट मिटा सकते है। ये सब आपके जीवन का यादगार व कभी न भुलाने वाला अनुभव हो सकता है।

ध्यान देने योग्य चीजे

Things to Remember

पिन पार्वती पास ट्रैक हिमाचल के हिमालय पर्वत श्रेणी के सबसे मुश्किल ट्रैक्स में से एक है जिस कारण इस ट्रैक पर जाने हेतु ट्रैकर्स को मानसिक एवं शारीरिक रूप से अधिक मजबूत होने की जरूरत होती है। ये ट्रैक विशाल पहाड़ो, बड़े-बड़े पत्थर के बोल्डरो, नदियों, अल्पाइन के जंगलो, ग्लेशियर, उबड़-खाबड़ प्राकर्तिक चट्टानों व जंगली जानवरो के जंगलो के बीच में से होकर गुजरता है जिस कारण साधारण ट्रैकर्स का इस ट्रैक पर जाना मुश्किल होता है। इस कारण ट्रैकर्स को सलाह दी जाती है की ट्रैक पर जाने से पहले पर्याप्त ट्रैंनिंग के साथ-साथ 1 या 2 ट्रैक कर लेने चाहिए जिससे इस ट्रैक पर जाने में ट्रैकर्स को मुश्किलों का सामना न करना पड़े व आसानी से ये ट्रैक पूरा कर सके।
वही ट्रैक पर जाने वालो को उच्च रक्त चाप, दिल की परेशानी, अस्थमा जैसी बीमारियाँ भी नहीं होनी चाहिए अगर इनमे से कोई भी बीमारी है तो ट्रैकर्स को इस ट्रैक पर नहीं जाना चाहिये। वही ट्रैक पर जाने हेतु पर्याप्त मात्रा में की गई ट्रैंनिंग के साथ आपको अपने साथ ले जाने के लिए एक प्रशिक्षित गाइड की भी आवश्यक्ता होती है जो आपको सही रास्ता दिखाने के साथ मुश्किल परिस्थितियों से निकलने में भी आपकी सहायता कर सकता है।
Things to C।rry
साथ ले जाने वाली वस्तुएँ
हामटा पास ट्रैक पर जाने से पहले कुछ चीजों को साथ जरूर ले जाना चाहिए जो आपके लिए अति आवश्यक भी है। वहाँ का मौसम प्रति घंटे के हिसाब से बदलता रहता है जिस कारण वहाँ ठण्ड भी अधिक रहती है। इस कारण आपको ठण्ड व बारिश से बचाव हेतु रैनकोट, फुल स्लीव्स पतली जैकेट्स, मंकी कैप, ट्रैकिंग शूज, गर्म मोज़े, मफलर, तौलिए, धुप से बचाव हेतु अच्छे किस्म के चश्मे, कोल्ड क्रीम, लिप बाम, सनस्क्रीन लोशन, एल०ई०डी टॉर्च, गर्म पानी की बोतल, ट्रैकिंग पोल, सिरदर्द की दवाइयाँ जैसे क्रोसिन, डिस्प्रिन, कॉटन, बैंड-ऐड, मूव स्प्रे, गौज, क्रैप बैंडेज आदि चीजे है जो आपको ट्रैक पर जाते समय अपने साथ रखनी चाहिए। इनकी जरूरत आपको ट्रैक पर जाते वक्त कभी भी पड़ सकती है। ट्रैक पर जाने से 2 या 3 दिन पहले आपको अधिक मात्रा में पानी भी पीना चाहिए जिससे आप Dehydr।tion से बचे रह सके।

यात्रा कार्यक्रम
Itiner।ry

पहला दिन: मनाली से बर्षेनी तथा बर्षेनी से कालगा
दूसरा दिन: कालगा से खीरगंगा
तीसरा दिन: खीरगंगा से टुंडा भुज
चौथा दिन: टुंडा भुज से ठाकुर कुआँ
पांचवा दिन: ठाकुर कुआँ से ऑडी थाच
छटवा दिन: ऑडी थाच से मानतलाई झील
सातवां दिन: मानतलाई झील से समिट कैंप तक
आठवा दिन: समिट कैंप से पिन बेस /बेदु थाच
नौवा दिन: पिन बेस से टिया
दसवां दिन: टिया से मड ड्राइव होते हुए काज़ा
ग्यारवाँ दिन: काज़ा से मनाली

पिन पार्वती पास ट्रैक पर कैसे जाये:
How to go Pin P।rv।ti P।ss Trek
पहला दिन: First D।y: आपके ट्रैक का पहला दिन मनाली से शुरू होता है। यह ट्रैक मनाली के बर्षेनी गांव से शुरू होता है। बर्षेनी गांव चरागाह तथा खूबसूरत देवदार के पेड़ो से घिरा हुआ है जिसे देखकर आपको आनंद की अनुभूति होती है। यहाँ से कालगा गांव को ट्रैक कर जाना होता है जो बर्षेनी से लगभग 1/2 घंटे का ट्रैक है। कलगा में ट्रैकर्स के लिए गेस्ट हाउस बने हुए है जहाँ आप रात्रि विश्राम व भोजन आदि की व्यवस्था कर सकते है। यहाँ रूककर आप मणिकरण गुरुद्धारा व वहाँ मौजूद गर्म पानी के कुंड के दर्शन कर सकते है तथा गर्म पानी के कुंड में स्नान कर अपने रास्ते की थकान मिटा सकते है।

दूसरा दिन: Second D।y: आपके दूसरे दिन की शुरुवात कालगा गांव से होती है यहाँ से आपको खीरगंगा तक जाना होता है जो लगभग 10 किमी का ट्रैक है जिसमे जाने में आपको 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। यहाँ रास्ते में आपको देवदार के पेड़, हॉर्स चेस्टनट तथा अखरोट के पेड़ो का विशाल जंगल दिखाई पड़ता है वही पार्वती नदी के भी दर्शन होते है। आपको पार्वती के साथ साथ ही ट्रैक करते हुए जाना होता है। रास्ते में आपको कई मैग्गी पॉइंट भी मिल जायेंगे जहाँ आप नाश्ते वगैरह के लिए रुक सकते है व वहाँ की मैग्गी का आनंद ले सकते है। इस पूरे ट्रैक पर आपको ऊपर की तरफ चढ़ाई करते हुए जाना पड़ता है जहाँ पर खीरगंगा दिखाई पड़ता है। यहाँ पहुँचकर आपको ऐसा प्रतीत होता है मानो आप स्वर्ग में हो। यहाँ मौजूद पहाड़ो के स्वच्छ पानी, हवा आपके पुरे दिन की थकान मिटा देने के लिए क़ाफी होती है।
माना जाता है की इसी स्थान पर भगवान शिव ने 3000 साल तक तपस्या की थी। खीरगंगा चारो और से पहाड़ों के बीच घिरा हुआ है। यही पर आप टेंट लगा रात्रि विश्राम कर सकते है।

तीसरा दिन: Third D।y: आपके तीसरे दिन की शुरुवात खीर गंगा से शुरू होकर टुंडा भुज तक जाती है। टुंडा भुज समुद्र तल से 10,935 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है जो खीर गंगा से लगभग 12 किमी की दूरी पर पड़ता है तथा वहाँ तक पहुँचने में आपको 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। खीरगंगा से टुंडा भुज तक का ट्रैक अपेक्षाकृत आसान माना जाता है इस रास्ते पर आपको कई सारे पानी के जलप्रपात देखने को मिल जायेंगे वही इस ट्रैक पर आपको जंगली वनस्पतिया, पशु- पक्षियाँ तथा बर्च के पेड़ भी देखने को मिल जायेंगे। खीर गंगा से टुंडा भुज तक का ट्रैक इस पूरे ट्रैक्स के सबसे खूबसूरत ट्रैक में से एक है।

चौथा दिन: Fourth D।y: चौथे दिन का ट्रैक टुंडा भुज से ठाकुर कुआँ के लिए जाता है जो टुंडा भुज 11 किमी की दूरी पर स्थित है और यहाँ तक पहुंचने में 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। यह ट्रैक पूरे ट्रैक में सबसे खूबसूरत व दरसनीय माना जाता है। टुंडा भुज पर आकर पेड़ पौधे समाप्त हो जाते है तथा इतनी ऊंचाई पर आकर ऑक्सीज़न भी कम होने लगती है। जिस कारण आपको आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत होने की आवस्यकता होती है। यहाँ आकर आपको अधिक पानी की जरूरत होती है नहीं तो Dehydr।te होने का खतरा बना रहता है। यही पर 3 बोल्डर के क्रासिंग है जिन्हे पार करके जाना होता है परन्तु ये उतने मुश्किल नहीं है। आप सावधानी पूर्वक इस को पार कर सकते है। पूरे ट्रैक में आपको कई सरे पुल भी देखने को मिलते है जिन्हे पार कर जाना होता है।
पाँचवा दिन: Fifth D।y: पाँचवे दिन की शुरुवात आपको ठाकुर कुआँ से करनी होती है तथा ऑडी थाच तक जाना होता है। यह ट्रैक लगभग 9 किमी का होता है तथा इस पर जाने में ट्रैकर्स को 5 से 6 घंटे तक का समय लग जाता है। ऑडी थाच की ऊंचाई समुद्र तल से 11,876 फ़ीट है। इस ट्रैक पर जाते हुए आपको पार्वती नदी पर बने पाण्डु पुल 1 व पाण्डु पुल 2 को पार करना होता है जो विशेषकर बड़े बड़े बोल्डरो से बने हुए है। इनमे से पाण्डु पुल 2 पाण्डु पुल 1 की अपेक्षा जाने के लिए ज्यादा आसान है। पाण्डु पुल 1 में एक तरफ से फिसलन बनी रहती है जबकि दूसरे छोर से पकड़ने के लिए छोटे-छोटे कट पत्थरो पर लगे हुए है जिन्हे पकड़कर इस पुल को पार करना पड़ता है।
मान्यता के अनुसार ये बोल्डर पांडवो द्धारा पार्वती नदी को पार करने हेतु रखे गए थे। अंत में आप ऑडी थाच तक पहुंच सकते है। यहाँ का प्रयोग मुख्यतः चरवाहे लोग किया करते है जो अपनी बकरियों को चराने हेतु यहाँ मौजूद घास के मैदानों में लेकर आते है।
छटवा दिन: Sixth D।y: अगले दिन की आपकी यात्रा ऑडी थाच से शुरू होकर मानताली तक जाती है जो लगभग 11 किमी की होती है जिस पर जाने में आपको 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। मानताली की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 13,352 फ़ीट है। यहाँ एक बेहद शांत मानताली झील स्थित है जिस पर आस पास के विशाल पर्वतो के प्रतिबिम्भ दिखाई पड़ता है जो देखने में पर्यटको को मन्त्रमुघ्द कर देता है।
यह ट्रैक आखिरी कुछ मीटर को छोड़कर अपेक्षाकृत आसान है मानताली झील से कुछ पहले ही भगवान शिव का एक शिवलिंग बना हुआ है जो इतनी ऊंचाई पर होने के कारण पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। यह स्थान मिनी मनाली तथा पार्वती नदी के निकलने का मुख्य बिन्दु भी माना जाता है। इस जगह पर आप अपने टेंट वगैरह लगाकर रात्रि भोजन व विश्राम कर सकते है।
सातवां दिवस: Seventh D।y: आपके सातवे दिन की शुरुवात मानताली से शुरू होकर बेस कैंप तक जाती है। यह ट्रैक लगभग 13 किमी का होता है जिस पर जाने में लगभग 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। पार्वती बेस कैंप की उचाई समुद्र तल से लगभग 16,207 फ़ीट है। यह ट्रैक पर आपको खड़ी चढ़ाई पर जाना होता है। यहाँ से आपको विशाल ग्लेशियर की विस्तृत श्रंखला व बेहद खूबसूरत पार्वती नदी का स्पष्ट पानी देखा जा सकता है। वही बीच रास्ते में आपको जल की एक बड़ी धारा देखने को मिलती है जिसे खोरनाल्ला के नाम से जाना जाता है। इस धारा को बेहद ही देखभाल कर पार करना चाहिये सुबह के समय इस धारा का प्रवाह कम रहता है जिस कारण आपको सुबह के समय पर ही इसे पार कर लेना चाहिए।
आठवाँ दिन: Eighth D।y: आपके अगले दिन की शुरुवात बेस कैंप से शुरू होकर पिन पास पर जाकर खत्म होती है। यह ट्रैक लगभग 6 किमी का है जिस पर आपको खड़ी चढ़ाई पर जाना होता है। पिन पार्वती की ऊंचाई 17,388 फ़ीट है इतनी ऊंचाई पर होने के कारण वहाँ पर ऑक्सीज़न का स्तर भी कम होता जाता है इसलिए आपको अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। इस दिन का ट्रैक आपको जल्द सुबह शुरू कर देना चाहिए क्योकि धुप निकलने पर यहाँ गिरी हुई बर्फ पिघलने लगती है और ट्रैक पर फिसलन होने लगती है। इस ट्रैक का कुछ हिस्सा ग्लेशियर के ऊपर से होकर जाता है इस कारण आपको अत्यंत सावधानी से जाने की जरूरत होती है।
नौवा दिन: Ninth D।y: इस दिन का ट्रैक अन्य दिन की अपेक्षा आसान माना जाता है। ये ट्रैक अपने अंतिम लम्हो की और बढ़ रहा था। आपको स्पीति वैली में पत्थरो और रेत के बीच से होकर जाना पड़ता है जो अन्य दिनों की अपेक्षा आसान था। यह ट्रैक कुल मिलकर लगभग 10 किमी का होता है जिस पर आने में 4 से 5 घंटे तक समय लगता है। विच कुरूंग इस ट्रैक का अंतिम जगह है जहाँ आप रात्रि विश्राम कर सकते है।
दसवां दिन: Tenth D।y: अंतिम दिन में आपकी यात्रा विच कुरूंग से शुरू होकर मनाली पर जाकर ख़तम होती है जहाँ आपके ट्रैक का भी समापन होता है। आप मड तथा काज़ा होते हुए अपने वाहन से मनाली पहुँच सकते है। काज़ा से मनाली की कुल दूरी 200 किमी पड़ती है। यहाँ आकर आपका ट्रैक समाप्त होता है।

पिन पार्वती पास ट्रैक कैसे जाये
How to go Pin Parvati Pass Trek

By ।ir: हवाई मार्ग द्धारा: पिन पार्वती पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे पास स्थित हवाई अड्डा भुन्तर में है जो की मनाली से 52 किमी की दूरी पर स्थित है। नई दिल्ली और चंडीगढ़ से आपको कुल्लू के भुंतर के लिए आसानी से हवाई सुविधा मिल जाएगी भुन्तर हवाई अड्डे से बाहर से लगातार सरकारी बसे भी मनाली के लिए चलती रहती है तथा प्राइवेट टैक्सी वाले भी 24 घंटे आपको हवाई अड्डे के बाहर ही खड़े मिल जायेंगे। आप यहाँ से बस या टैक्सी कर आसानी से मनाली तक पहुंच सकते है। प्राइवेट टैक्सी वाले आपसे मनाली तक पहुंचाने के लिए अधिकतम 1000 रुपए से 1500 रुपया तक का किराया लेते है।
By Bus: सड़क मार्ग द्धारा: पिन पार्वती पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे पास स्थित बस स्टेशन मनाली है जो देश के अधिकतर भागो से आसानी से जुड़ा हुआ है। दिल्ली से मनाली की दूरी लगभग 550 किमी है। दिल्ली से मनाली के लिए आपको हर समय बस की सेवा उपलब्ध हो जाएगी।
वही चंडीगढ़ से भी आप मनाली तक आसानी से पहुंच सकते है। चंडीगढ़ से मनाली की दूरी 310 किमी है जहाँ आपको पहुंचने में लगभग 8 घंटे का तक का समय लग जाता है। जहाँ से आपके ट्रैक की शुरुवात होती है।
पिन पार्वती पास ट्रैक पर कब जाये
When to go Hampta Pass Trek
हामटा पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम अप्रैल से लेकर अक्टूबर तक का होता है उसके बाद बारिश का सीजन होने के कारण ट्रैक पर फिसलने का खतरा रहता है। अप्रैल से अक्टूबर के दौरान यहाँ का मौसम अधिकतर साफ़ रहता है जिस कारण आप यहाँ प्रकर्ति का भरपूर आनंद ले सकते है।


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PIn Parvati Pass Trek

पिन पार्वती ट्रैक
Pin Parvati Pass Trek

पिन पार्वती ट्रैक हिमाचल में मौजूद एक खूबसूरत और प्राकर्तिक दृस्टि से सम्पूर्ण ट्रैकिंग स्थल है जो उच्च ऊंचाई पर होने के कारण साल के अधिकतर समय बर्फ से ढका हुआ रहता है। ये ट्रैक कुल्लू की पार्वती वैली और स्पीति की पिन वैली को आपस में जोड़ता है जिस कारण इस ट्रैक को पिन पार्वती वैली ट्रैक कहा जाता है। यह ट्रैक दो जिलों कुल्लू व जिला लाहौल व स्पीति के अन्तर्गत आता है तथा हिमाचल में स्थित सबसे कठिन ट्रैक्स में से एक माना जाता है। इस जगह पर साल भर बर्फ रहने के कारण इस ट्रैक पर जाना भी कठिन होता है। यहाँ का मौसम भी हर पल बदलता रहता है जिस कारण ट्रैक में फिसलन रहती है तथा खतरा भी अधिक रहता है जिस कारण ट्रैकर्स को काफी संभल कर इस ट्रैक पर आगे को बढ़ना पड़ता है।

पिन पार्वती ट्रैक भारत के साथ साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है जहाँ साहसिक गतिविधियों व् भीड़-भाड़ के कारण कुछ दिन शान्ति में रहने का शौक रखने वाले ट्रैकर्स हर साल हजारो की संख्या में यहाँ आते है व प्राकर्तिक सुन्दरता के साथ साहसिक गतिविधियों का भी आनंद लेते हुए शहरों की भीड़-भाड़ से दूर शांति का अनुभव करते है।

इस ट्रैक की खोज करने का श्रेय सबसे पहले एक अंग्रेज सर लुइस डेन को जाता है जिन्होंने सर्वप्रथम सन 1884 को इस ट्रैक को खोज निकाला था। वो स्पीति घाटी में जाने के लिए किसी अन्य वैकल्पिक रास्ते की खोज में निकले थे तब उन्हें रास्ते में जाते हुए इस जगह का पता चला था।

पिन पार्वती ट्रैक की अधिकतम ऊंचाई 5,319 मीटर अर्थात 17,457 फ़ीट है तथा कुल दूरी लगभग 110 किमी के आस पास पड़ती है जिस पर आने व जाने में लगभग 10 से 12 दिन का समय लग जाता है। वही इस ट्रैक पर कई खूबसूरत पर्यटक व धार्मिक स्थल पड़ते है जिसमे मनाली, मणिकरण साहिब गुरुद्धारा, टुंडा भुज, ठाकुर कुआँ, बर्षेनी, ऑडी थाच तथा मानतलाई जैसे खूबसूरत पर्यटक व धार्मिक स्थल आते है। वही केलोंग, कॉकसर, रोहतांग पास, काजा, खीर गंगा जैसे प्राकर्तिक खूबसूरती से परिपूर्ण जगहों के भी दर्शन होते है। यहाँ खीर गंगा के पास पार्वती कुंड में आपको गर्म पानी का कुंड भी देखने को मिलता है जहाँ पर स्नान कर आप अपने रास्ते की सारी थकावट मिटा सकते है। ये सब आपके जीवन का यादगार व कभी न भुलाने वाला अनुभव हो सकता है।

ध्यान देने योग्य चीजे

Things to Remember

पिन पार्वती पास ट्रैक हिमाचल के हिमालय पर्वत श्रेणी के सबसे मुश्किल ट्रैक्स में से एक है जिस कारण इस ट्रैक पर जाने हेतु ट्रैकर्स को मानसिक एवं शारीरिक रूप से अधिक मजबूत होने की जरूरत होती है। ये ट्रैक विशाल पहाड़ो, बड़े-बड़े पत्थर के बोल्डरो, नदियों, अल्पाइन के जंगलो, ग्लेशियर, उबड़-खाबड़ प्राकर्तिक चट्टानों व जंगली जानवरो के जंगलो के बीच में से होकर गुजरता है जिस कारण साधारण ट्रैकर्स का इस ट्रैक पर जाना मुश्किल होता है। इस कारण ट्रैकर्स को सलाह दी जाती है की ट्रैक पर जाने से पहले पर्याप्त ट्रैंनिंग के साथ-साथ 1 या 2 ट्रैक कर लेने चाहिए जिससे इस ट्रैक पर जाने में ट्रैकर्स को मुश्किलों का सामना न करना पड़े व आसानी से ये ट्रैक पूरा कर सके।

वही ट्रैक पर जाने वालो को उच्च रक्त चाप, दिल की परेशानी, अस्थमा जैसी बीमारियाँ भी नहीं होनी चाहिए अगर इनमे से कोई भी बीमारी है तो ट्रैकर्स को इस ट्रैक पर नहीं जाना चाहिये। वही ट्रैक पर जाने हेतु पर्याप्त मात्रा में की गई ट्रैंनिंग के साथ आपको अपने साथ ले जाने के लिए एक प्रशिक्षित गाइड की भी आवश्यक्ता होती है जो आपको सही रास्ता दिखाने के साथ मुश्किल परिस्थितियों से निकलने में भी आपकी सहायता कर सकता है।

Things to Carry
साथ ले जाने वाली वस्तुएँ

हामटा पास ट्रैक पर जाने से पहले कुछ चीजों को साथ जरूर ले जाना चाहिए जो आपके लिए अति आवश्यक भी है। वहाँ का मौसम प्रति घंटे के हिसाब से बदलता रहता है जिस कारण वहाँ ठण्ड भी अधिक रहती है। इस कारण आपको ठण्ड व बारिश से बचाव हेतु रैनकोट, फुल स्लीव्स पतली जैकेट्स, मंकी कैप, ट्रैकिंग शूज, गर्म मोज़े, मफलर, तौलिए, धुप से बचाव हेतु अच्छे किस्म के चश्मे, कोल्ड क्रीम, लिप बाम, सनस्क्रीन लोशन, एल०ई०डी टॉर्च, गर्म पानी की बोतल, ट्रैकिंग पोल, सिरदर्द की दवाइयाँ जैसे क्रोसिन, डिस्प्रिन, कॉटन, बैंड-ऐड, मूव स्प्रे, गौज, क्रैप बैंडेज आदि चीजे है जो आपको ट्रैक पर जाते समय अपने साथ रखनी चाहिए। इनकी जरूरत आपको ट्रैक पर जाते वक्त कभी भी पड़ सकती है। ट्रैक पर जाने से 2 या 3 दिन पहले आपको अधिक मात्रा में पानी भी पीना चाहिए जिससे आप Dehydr।tion से बचे रह सके।

यात्रा कार्यक्रम
Itinerary

पहला दिन: मनाली से बर्षेनी तथा बर्षेनी से कालगा
दूसरा दिन: कालगा से खीरगंगा
तीसरा दिन: खीरगंगा से टुंडा भुज
चौथा दिन: टुंडा भुज से ठाकुर कुआँ
पांचवा दिन: ठाकुर कुआँ से ऑडी थाच
छटवा दिन: ऑडी थाच से मानतलाई झील
सातवां दिन: मानतलाई झील से समिट कैंप तक
आठवा दिन: समिट कैंप से पिन बेस /बेदु थाच
नौवा दिन: पिन बेस से टिया
दसवां दिन: टिया से मड ड्राइव होते हुए काज़ा
ग्यारवाँ दिन: काज़ा से मनाली

पिन पार्वती पास ट्रैक पर कैसे जाये:
How to go Pin Parvati Pass Trek

पहला दिन: First D।y: आपके ट्रैक का पहला दिन मनाली से शुरू होता है। यह ट्रैक मनाली के बर्षेनी गांव से शुरू होता है। बर्षेनी गांव चरागाह तथा खूबसूरत देवदार के पेड़ो से घिरा हुआ है जिसे देखकर आपको आनंद की अनुभूति होती है। यहाँ से कालगा गांव को ट्रैक कर जाना होता है जो बर्षेनी से लगभग 1/2 घंटे का ट्रैक है। कलगा में ट्रैकर्स के लिए गेस्ट हाउस बने हुए है जहाँ आप रात्रि विश्राम व भोजन आदि की व्यवस्था कर सकते है। यहाँ रूककर आप मणिकरण गुरुद्धारा व वहाँ मौजूद गर्म पानी के कुंड के दर्शन कर सकते है तथा गर्म पानी के कुंड में स्नान कर अपने रास्ते की थकान मिटा सकते है।

दूसरा दिन: Second D।y: आपके दूसरे दिन की शुरुवात कालगा गांव से होती है यहाँ से आपको खीरगंगा तक जाना होता है जो लगभग 10 किमी का ट्रैक है जिसमे जाने में आपको 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। यहाँ रास्ते में आपको देवदार के पेड़, हॉर्स चेस्टनट तथा अखरोट के पेड़ो का विशाल जंगल दिखाई पड़ता है वही पार्वती नदी के भी दर्शन होते है। आपको पार्वती के साथ साथ ही ट्रैक करते हुए जाना होता है। रास्ते में आपको कई मैग्गी पॉइंट भी मिल जायेंगे जहाँ आप नाश्ते वगैरह के लिए रुक सकते है व वहाँ की मैग्गी का आनंद ले सकते है। इस पूरे ट्रैक पर आपको ऊपर की तरफ चढ़ाई करते हुए जाना पड़ता है जहाँ पर खीरगंगा दिखाई पड़ता है। यहाँ पहुँचकर आपको ऐसा प्रतीत होता है मानो आप स्वर्ग में हो। यहाँ मौजूद पहाड़ो के स्वच्छ पानी, हवा आपके पुरे दिन की थकान मिटा देने के लिए क़ाफी होती है।
माना जाता है की इसी स्थान पर भगवान शिव ने 3000 साल तक तपस्या की थी। खीरगंगा चारो और से पहाड़ों के बीच घिरा हुआ है। यही पर आप टेंट लगा रात्रि विश्राम कर सकते है।

तीसरा दिन: Third D।y: आपके तीसरे दिन की शुरुवात खीर गंगा से शुरू होकर टुंडा भुज तक जाती है। टुंडा भुज समुद्र तल से 10,935 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है जो खीर गंगा से लगभग 12 किमी की दूरी पर पड़ता है तथा वहाँ तक पहुँचने में आपको 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। खीरगंगा से टुंडा भुज तक का ट्रैक अपेक्षाकृत आसान माना जाता है इस रास्ते पर आपको कई सारे पानी के जलप्रपात देखने को मिल जायेंगे वही इस ट्रैक पर आपको जंगली वनस्पतिया, पशु- पक्षियाँ तथा बर्च के पेड़ भी देखने को मिल जायेंगे। खीर गंगा से टुंडा भुज तक का ट्रैक इस पूरे ट्रैक्स के सबसे खूबसूरत ट्रैक में से एक है।

चौथा दिन: Fourth D।y: चौथे दिन का ट्रैक टुंडा भुज से ठाकुर कुआँ के लिए जाता है जो टुंडा भुज 11 किमी की दूरी पर स्थित है और यहाँ तक पहुंचने में 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। यह ट्रैक पूरे ट्रैक में सबसे खूबसूरत व दरसनीय माना जाता है। टुंडा भुज पर आकर पेड़ पौधे समाप्त हो जाते है तथा इतनी ऊंचाई पर आकर ऑक्सीज़न भी कम होने लगती है। जिस कारण आपको आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत होने की आवस्यकता होती है। यहाँ आकर आपको अधिक पानी की जरूरत होती है नहीं तो Dehydr।te होने का खतरा बना रहता है। यही पर 3 बोल्डर के क्रासिंग है जिन्हे पार करके जाना होता है परन्तु ये उतने मुश्किल नहीं है। आप सावधानी पूर्वक इस को पार कर सकते है। पूरे ट्रैक में आपको कई सरे पुल भी देखने को मिलते है जिन्हे पार कर जाना होता है।

पाँचवा दिन: Fifth D।y: पाँचवे दिन की शुरुवात आपको ठाकुर कुआँ से करनी होती है तथा ऑडी थाच तक जाना होता है। यह ट्रैक लगभग 9 किमी का होता है तथा इस पर जाने में ट्रैकर्स को 5 से 6 घंटे तक का समय लग जाता है। ऑडी थाच की ऊंचाई समुद्र तल से 11,876 फ़ीट है। इस ट्रैक पर जाते हुए आपको पार्वती नदी पर बने पाण्डु पुल 1 व पाण्डु पुल 2 को पार करना होता है जो विशेषकर बड़े बड़े बोल्डरो से बने हुए है। इनमे से पाण्डु पुल 2 पाण्डु पुल 1 की अपेक्षा जाने के लिए ज्यादा आसान है। पाण्डु पुल 1 में एक तरफ से फिसलन बनी रहती है जबकि दूसरे छोर से पकड़ने के लिए छोटे-छोटे कट पत्थरो पर लगे हुए है जिन्हे पकड़कर इस पुल को पार करना पड़ता है।
मान्यता के अनुसार ये बोल्डर पांडवो द्धारा पार्वती नदी को पार करने हेतु रखे गए थे। अंत में आप ऑडी थाच तक पहुंच सकते है। यहाँ का प्रयोग मुख्यतः चरवाहे लोग किया करते है जो अपनी बकरियों को चराने हेतु यहाँ मौजूद घास के मैदानों में लेकर आते है।

छटवा दिन: Sixth D।y: अगले दिन की आपकी यात्रा ऑडी थाच से शुरू होकर मानताली तक जाती है जो लगभग 11 किमी की होती है जिस पर जाने में आपको 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। मानताली की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 13,352 फ़ीट है। यहाँ एक बेहद शांत मानताली झील स्थित है जिस पर आस पास के विशाल पर्वतो के प्रतिबिम्भ दिखाई पड़ता है जो देखने में पर्यटको को मन्त्रमुघ्द कर देता है।
यह ट्रैक आखिरी कुछ मीटर को छोड़कर अपेक्षाकृत आसान है मानताली झील से कुछ पहले ही भगवान शिव का एक शिवलिंग बना हुआ है जो इतनी ऊंचाई पर होने के कारण पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। यह स्थान मिनी मनाली तथा पार्वती नदी के निकलने का मुख्य बिन्दु भी माना जाता है। इस जगह पर आप अपने टेंट वगैरह लगाकर रात्रि भोजन व विश्राम कर सकते है।

सातवां दिवस: Seventh D।y: आपके सातवे दिन की शुरुवात मानताली से शुरू होकर बेस कैंप तक जाती है। यह ट्रैक लगभग 13 किमी का होता है जिस पर जाने में लगभग 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। पार्वती बेस कैंप की उचाई समुद्र तल से लगभग 16,207 फ़ीट है। यह ट्रैक पर आपको खड़ी चढ़ाई पर जाना होता है। यहाँ से आपको विशाल ग्लेशियर की विस्तृत श्रंखला व बेहद खूबसूरत पार्वती नदी का स्पष्ट पानी देखा जा सकता है। वही बीच रास्ते में आपको जल की एक बड़ी धारा देखने को मिलती है जिसे खोरनाल्ला के नाम से जाना जाता है। इस धारा को बेहद ही देखभाल कर पार करना चाहिये सुबह के समय इस धारा का प्रवाह कम रहता है जिस कारण आपको सुबह के समय पर ही इसे पार कर लेना चाहिए।

आठवाँ दिन: Eighth Day: आपके अगले दिन की शुरुवात बेस कैंप से शुरू होकर पिन पा पर जाकर खत्म होती है। यह ट्रैक लगभग 6 किमी का है जिस पर आपको खड़ी चढ़ाई पर जाना होता है। पिन पार्वती की ऊंचाई 17,388 फ़ीट है इतनी ऊंचाई पर होने के कारण वहाँ पर ऑक्सीज़न का स्तर भी कम होता जाता है इसलिए आपको अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। इस दिन का ट्रैक आपको जल्द सुबह शुरू कर देना चाहिए क्योकि धुप निकलने पर यहाँ गिरी हुई बर्फ पिघलने लगती है और ट्रैक पर फिसलन होने लगती है। इस ट्रैक का कुछ हिस्सा ग्लेशियर के ऊपर से होकर जाता है इस कारण आपको अत्यंत सावधानी से जाने की जरूरत होती है।

नौवा दिन: Ninth D।y: इस दिन का ट्रैक अन्य दिन की अपेक्षा आसान माना जाता है। ये ट्रैक अपने अंतिम लम्हो की और बढ़ रहा था। आपको स्पीति वैली में पत्थरो और रेत के बीच से होकर जाना पड़ता है जो अन्य दिनों की अपेक्षा आसान था। यह ट्रैक कुल मिलकर लगभग 10 किमी का होता है जिस पर आने में 4 से 5 घंटे तक समय लगता है। विच कुरूंग इस ट्रैक का अंतिम जगह है जहाँ आप रात्रि विश्राम कर सकते है।

दसवां दिन: Tenth D।y: अंतिम दिन में आपकी यात्रा विच कुरूंग से शुरू होकर मनाली पर जाकर ख़तम होती है जहाँ आपके ट्रैक का भी समापन होता है। आप मड तथा काज़ा होते हुए अपने वाहन से मनाली पहुँच सकते है। काज़ा से मनाली की कुल दूरी 200 किमी पड़ती है। यहाँ आकर आपका ट्रैक समाप्त होता है।

पिन पार्वती पास ट्रैक कैसे जाये
How to go Pin Parvati Pass Trek

By Air: हवाई मार्ग द्धारा: पिन पार्वती पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे पास स्थित हवाई अड्डा भुन्तर में है जो की मनाली से 52 किमी की दूरी पर स्थित है। नई दिल्ली और चंडीगढ़ से आपको कुल्लू के भुंतर के लिए आसानी से हवाई सुविधा मिल जाएगी भुन्तर हवाई अड्डे से बाहर से लगातार सरकारी बसे भी मनाली के लिए चलती रहती है तथा प्राइवेट टैक्सी वाले भी 24 घंटे आपको हवाई अड्डे के बाहर ही खड़े मिल जायेंगे। आप यहाँ से बस या टैक्सी कर आसानी से मनाली तक पहुंच सकते है। प्राइवेट टैक्सी वाले आपसे मनाली तक पहुंचाने के लिए अधिकतम 1000 रुपए से 1500 रुपया तक का किराया लेते है।

By Bus: सड़क मार्ग द्धारा: पिन पार्वती पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे पास स्थित बस स्टेशन मनाली है जो देश के अधिकतर भागो से आसानी से जुड़ा हुआ है। दिल्ली से मनाली की दूरी लगभग 550 किमी है। दिल्ली से मनाली के लिए आपको हर समय बस की सेवा उपलब्ध हो जाएगी।

वही चंडीगढ़ से भी आप मनाली तक आसानी से पहुंच सकते है। चंडीगढ़ से मनाली की दूरी 310 किमी है जहाँ आपको पहुंचने में लगभग 8 घंटे का तक का समय लग जाता है। जहाँ से आपके ट्रैक की शुरुवात होती है।

पिन पार्वती पास ट्रैक पर कब जाये

When to go Pin Parvati pass Trek

हामटा पास ट्रैक पर जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम अप्रैल से लेकर अक्टूबर तक का होता है उसके बाद बारिश का सीजन होने के कारण ट्रैक पर फिसलने का खतरा रहता है। अप्रैल से अक्टूबर के दौरान यहाँ का मौसम अधिकतर साफ़ रहता है जिस कारण आप यहाँ प्रकर्ति का भरपूर आनंद ले सकते है।

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